ANAND BHAKTI RAS
Wednesday, April 29, 2020
परम संत रविदास जी (दोहावली)
(परम संत रविदास जी)
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बहुत जनम बिछड़े थे माधो, ऐ जन्म तुम्हारे लेखे |
कह रविदास आस लग जीवा, चित भयो दर्शन पेखे ||
v
किसी काम के थे नहीं, कोई ना छुता छावं |
सतगुरु की कृपा भई, तो पूजन लागे पावं
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