Monday, May 11, 2020

श्री शेष नाग जी


सत्संग बड़ा है या तप
एक बार दो ऋषियों की आपस में बहस हो गई की सत्संग बड़ा है या तप बड़ा है तो वे इस समस्या का समाधान करने के लिए शेषनाग जी के पास गए| उन्होंने शेषनाग जी से विनय की कि आप ही बताये कि सत्संग या तप में क्या बड़ा है तो शेषनाग जी ने कहा कि मैंने जो धरती का बोझ अपने ऊपर उठा रखा है अगर तुम अपने-2 बल से इसे उठा के दिखाओगे तो पता चल जायेगा| तो पहले ऋषि ने कहा कि मैंने कई वर्षो तक कठोर साधना की है उस तपस्या का फल देता हूँ कि धरती तुम्हारे बिना टिक जाये| शेष नाग जी ने जैसे ही धरती को अपने ऊपर से हटाया तो वह धरती ऋषि के  फल से टिकने की जगह हिलने लग गयी, तब दूसरे ऋषि ने कहा कि मैं अपने एक घड़ी के सत्संग का फल देता हूँ कि ये धरती टिक जाये तो धरती उसी समय टिक गई, तब शेषनाग जी ने फ़रमाया कि अब आप दोनों खुद ही जान ले कि किसमें ज्यादा बल है सत्संग में या तप में|
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