जिज्ञासु का प्रश्न
एक बार श्री
रामकृष्ण परमहंस जी के पास एक जिज्ञासु आया| उसने अपने मन में एक विशेष धारणा बना
रखी थी कि संत उसे कहते हैं “जो
कुछ भी मिले उसे खा ले|”
उसने रामकृष्ण जी के पास आकर प्रश्न किया कि आप मुझे बताये कि संत किसे कहते हैं?
रामकृष्ण जी समझ गए कि इसने संतो के प्रति विशेष धारणा बना रखी है| तब उन्होंने
उत्तर दिया कि- ‘जो कुछ मिले खा लिया, यह तो कुत्ते का स्वाभाव होता है| संत तो
उसे कहते हैं जो कुछ भी मिले उसे सब में बाटँकर फिर खाए| दूसरों की भूख पहले मिटाए
यह संत का स्वभाव है|
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